कक्षा प्रक्रियाओं की एक मजबूत वैचारिक समझ बनाने के लिए
ओईएलपी के बारे में:
ओईएलपी एक पंजीकृत गैर-लाभकारी एवं नागरिक समाज संगठन है, जिसकी स्थापना 2008 में की गई थी। हमारा शुरुआती कक्षाओं के बच्चों में, विशेषकर कम-साक्षर और वंचित समुदायों में, मज़बूत नींव बनाने के लिए लंबे समय से सतत प्रयास रहा है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया www.oelp.org पर जाएं।

कोर्स का परिचय
यह शिक्षकों के लिए फाउंडेशनल लर्निंग से जुड़ा एक कोर्स है. इस कोर्स में शुरूआती कक्षाओं से जुड़े प्रभावशाली और व्यवहारिक तरीकों की गहरी समझ विकसित करने का प्रयास किया गया है. इन तरीकों द्वारा सक्षम व् सोचने वाले नन्हे पाठक व् लेखक को तैयार किया जा सकता है.
- कक्षा के संदर्भों में शूट किए गए अनेक छोटे वीडियो
- सीखने की अलग रणनीतियों (जैसे स्व-गति से जुड़ने के मौके , चिंतन के लिए प्रश्न) जिनसे कोर्स के उद्देश्यों से जुड़ने के सार्थक मौके उपलब्ध हों
- प्रतिभागियों के लिए चयनित रीडिंग
- क्विज़ और स्व-मूल्यांकन जिन से उन्हें वास्तविक दुनिया के संदर्भों में अपनी सीख को लागू करने में मदद मिले
सीखने योग्य व्यवहारों/प्रथाओं की एक सांकेतिक सूची:
- घर के वातावरण से संरचित विद्यालयी वातावरण में बच्चों के सहज परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए कक्षा की प्रक्रियाएँ, साथ ही बच्चों की विविधता का सम्मान करना।
- ऐसी अधिगम रणनीतियाँ जिनसे बच्चे अर्थपूर्ण शब्दों का निर्माण और पहचान कर सकें , तथा शुरुआती कक्षाओं में पठन-बोध और लेखन कौशल विकसित करने के तरीकों को समझ सकें ।
- संवेदनशील शिक्षण वातावरण बनाने और प्रभावी कक्षा प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की रणनीतियाँ, जो विकास की दृष्टि से उपयुक्त और रोचक हों।
- साधारण, कम-खर्चीली और स्वयं तैयार (DIY) सामग्रियों (जैसे, नाम कार्ड, प्रिंट-आधारित लर्निंग कॉर्नर) को कम संसाधन वाली परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से बनाना और उपयोग करना।
- उन छोटे बच्चों के साथ काम करने की रणनीतियाँ, जो पहली बार विद्यालय में प्रवेश करते समय प्रिंट से जुड़ रहे हैं।
- प्रत्येक बच्चे के सामाजिक-भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देना, ताकि उच्च गुणवत्ता वाले अधिगम की नींव रखी जा सके ।
- ऐसे उच्च-प्रभावी कक्षा अभ्यास साझा करता है जो स्कू ली शिक्षा की मजबूत नींव रखते हैं और पढ़ने-लिखने से गुणवत्तापूर्ण जुड़ाव बनाते हैं।
- विशिष्ट ओईएलपी तरीकों के प्रभावी होने के कारणों की गहरी वैचारिक समझ विकसित करता है, जिसे प्रासंगिक कक्षा अनुभवों और सैद्धांतिक आधारों से समर्थन मिलता है।
- व्यावहारिक और सरल रणनीतियों पर कें द्रित है, जिन्हें विशेष रूप से सीमित संसाधनों वाली कक्षाओं के लिए तैयार किया गया है।

कोर्स की शर्ते
प्रतिभागी की योग्यता : यह कोर्स कक्षा 1-3 के साथ काम करने वाले शिक्षकों, एजुकेटर , शिक्षाविद और शिक्षा अधिकारियो के लिए उपलब्ध है। ईसीडी/ईसीई समुदाय को बाल विकास की दृष्टि से कुछ सिद्धांत भी उपयोगी लगेंगे।
अवधि: 60 दिन में 11 मॉड्यूल (लगभग 30 घंटे, जिसमें प्रत्येक मॉड्यूल के लिए लगभग 2 घंटे शामिल हैं)
भाषा: हिन्दी। यह पाठ्यक्रम कक्षा में किए जाने वाले अभ्यासों को दिखाने के लिए वास्तविक कक्षाओं के वीडियो पर आधारित है।
कोर्स शुल्क: 2500 रुपये. शुल्क वहन में कठिनाई होने पर भी कृपया पंजीकरण प्रपत्र भरें। टीम आपके आवेदन की समीक्षा कर शुल्क माफी/छूट पर निर्णय करेगी।
| पाठ्यक्रम की घोषणा | 9th September, Thursday |
| आवेदन करने की अंतिम तिथि | 20th September, Thursday |
| चयनित प्रतिभागियों को लॉगिन सेटअप के निर्देशों सहित ईमेल भेजना | 1st October, Wednesday |
| परिचय सत्र ऑनबोर्डिंग / समस्या समाधान | 6th October, Monday |
| कोर्स शुरू | 6th October, Monday |
| सेक्शन 1 – सीखने की नींव तैयार करना | |
| प्री-टेस्ट मॉड्यूल 1: कक्षा में दोस्ताना एवं सीखने के लिए प्रोत्साहित करने वाले माहौल की योजना बनाना मॉड्यूल 2: शुरूआती कक्षा के प्रबंध के लिए प्रभावशाली योजना बनाना मॉड्यूल 3: नन्हें बच्चों में पढ़ने की ललक विकसित करना |
6th Oct -13th Oct प्रत्येक मॉड्यूल : लगभग 2 से 2.5 घंटे |
| अनुभाग 1 का समापन – ऑनलाइन असाइनमेंट 1 | |
| प्लेनरी 1: संक्षिप्त पुनरावलोकन – आधारभूत सीखने के सिद्धांत एवं सैद्धांतिक दृष्टिकोण,प्रश्नोत्तर | 13th Oct, Monday , Zoom meeting |
| सेक्शन 2 – प्रारम्भिक पठन और लेखन के लिए नींव तैयार करना | |
| मॉड्यूल 4: शुरुआती पठन लेखन मॉड्यूल 5: प्रतीक और ध्वनि का तालमेल मॉड्यूल 6: अर्थपूर्ण शब्द और वाक्यों की पहचान व निर्माण मॉड्यूल 7: सक्रिय शब्दावली का निर्माण |
14th Oct – 9th Nov प्रत्येक मॉड्यूल : लगभग 2 से 2.5 घंटे |
| अनुभाग 2 का समापन – ऑनलाइन असाइनमेंट 2 | |
| प्लेनरी 2: संक्षिप्त पुनरावलोकन – आधारभूत सीखने के सिद्धांत एवं सैद्धांतिक दृष्टिकोण,प्रश्नोत्तर | 10th Nov, Monday , Zoom meeting |
| सेक्शन 3 – पढ़ने और लिखने के उच्च स्तरों में सहयोग | |
| मॉड्यूल 8: समझ से पढने की रणनीतियाँ मॉड्यूल 9: शुरूआती कक्षाओ के लिए पठन प्रक्रियां मॉड्यूल 10: शुरूआती कक्षाओ के लिए लेखन प्रक्रियांए |
13th Nov – 5th Dec प्रत्येक मॉड्यूल : लगभग 2 से 2.5 घंटे |
| अनुभाग 3 का समापन – ऑनलाइन असाइनमेंट 3 | |
| सेक्शन 4– सीख की समीक्षा और पाठ्यक्रम का सारांश | |
मॉड्यूल 11: सीख की समीक्षा और पाठ्यक्रम का सारांश
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5th Dec – 15th Dec लगभग 3 घंटे, जिसमें फ़ीडबैक और मूल्यांकन शामिल है |
| सेक्शन 4 का समापन – मूल्यांकन, फ़ीडबैक, आभार | |
| प्लेनरी 3: संक्षिप्त पुनरावलोकन – आधारभूत सीखने के सिद्धांत एवं सैद्धांतिक दृष्टिकोण,प्रश्नोत्तर | 16th Dec, Tuesday , Zoom meeting |
कीर्ति जयराम एक एजुके शनिस्ट हैं, जिन्हें बच्चों, शिक्षकों और समुदायों के साथ कार्य करने और पढ़ाने का 35 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह ओईएलपी की संस्थापक सदस्य हैं और वास्तविक कक्षा के अनुभवों पर आधारित ओईएलपी की कार्यप्रणालियों को विकसित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
विनी गुप्ता अर्ली चाइल्डहुड के यर एंड डेवलपमेंट एक्सपर्ट हैं और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में 24 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने छोटे बच्चों और विभिन्न कार्यक्रमों के साथ काम करते हुए विषय-वस्तु निर्माण, तकनीकी सहयोग, शोध एवं मूल्यांकन तथा संपूर्ण कार्यक्रम संचालन का कार्य किया है। वह ओईएलपी के समग्र संचालन की देखरेख करती हैं और ऑनलाइन पाठ्यक्रम के संचालन का प्रबंधन करती हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से चाइल्ड डेवलपमेंट में स्नातकोत्तर की उपाधि स्वर्ण पदक सहित प्राप्त की है
नयन मेहरोत्रा, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बैंगलोर से शिक्षा में Masters in Education हैं। वे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से विभिन्न जमीनी स्तर की शैक्षिक संस्थाओं के साथ विकास क्षेत्र में कार्यरत रही हैं। नयन की गहरी रुचि और लगाव पुस्तकालय कार्य में है। उन्होंने बुकवर्म, गोवा से लाइब्रेरी एजुके टर सर्टिफिके ट कोर्स पूरा किया है। वर्तमान में वे स्वतंत्र सलाहकार के रूप में दो संस्थाओं के साथ कार्य कर रही हैं।
सामग्री के दृष्टिकोण से देखें तो कोर्स में एक क्रमबद्धता है, जो पाठक को एक तय दिशा में ले जाती है, यह अच्छी बात है। सामग्री सरल भाषा में लिखी गई है, इसमें कठिन शब्द बहुत कम हैं, और जहाँ भी प्रयोग किए गए हैं, वहाँ उन्हें स्पष्ट किया गया है। इसमें उन वास्तविक समस्याओं पर चर्चा की गई है जिनका सामना एक शिक्षक को करना पड़ता है। वीडियो – वीडियो वाकई अद्भुत और स्वाभाविक हैं! कोर्स की संरचना की बात करें तो पहले परिचय, फिर सामग्री, उसके बाद वीडियो, फिर सामग्री और अंत में सारांश प्रस्तुत करना पाठक को जोड़े रखने का अच्छा तरीका है। प्रत्येक वीडियो से पहले ऐसे प्रश्न दिए गए हैं जिन्हें दर्शक को ध्यान में रखना है, यह भी सराहनीय है। मॉड्यूल्स का समय 7–10 मिनट रखा गया है – जो एक वयस्क की ध्यान क्षमता के अनुरूप है।
– स्वाति गांधी, लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन
कोर्स की सामग्री मेरे कार्य की ज़रूरतों के लिए अत्यंत प्रासंगिक थी। प्रत्येक मॉड्यूल को बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था, जिसमें वर्तमान रुझानों और चुनौतियों को शामिल किया गया था। इस कारण प्राप्त ज्ञान तुरंत व्यवहार में लाने योग्य रहा। उदाहरण के लिए, के स स्टडीज़ और उदाहरण सीधे-सीधे उन वास्तविक परिस्थितियों से जुड़े थे जिनका सामना मैं अपने काम में करता हूँ। इससे सीखने का अनुभव न के वल रोचक बना बल्कि व्यावहारिक और मूल्यवान भी साबित हुआ। यह कोर्स मेरे लिए अत्यंत लाभकारी रहा।
– शिवकु मार यादव, टाटा ट्रस्ट्स
